अलग रवानी है

तेरे अल्फ़ाज़ों की कुछ अलग रवानी है,
अहसासों की महक कुछ अलग कहानी है,
तू ही बता
रिश्तों का क्या नाम दें अब….
मेरे साथ तेरा नाम लोगों को ज़ुबानी है।

🍁🍁🍁🍁🍁

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *